मसाने में होली खेलें

मसाने में होली खेलें

मसाने में होली खेलें, शिव डमरू वाला,
भूत-गणों की टोली, संग नाचे मतवाला।
🔱 बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
🔱 बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
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श्मशान की राख लगाए, शंकर का रूप निराला,
त्रिशूल उठाए गूंजे, जयकारा डमरू वाला।
कभी तांडव, कभी मस्ती, कभी भस्म की बरसात,
भोले की टोली आई, छाए काशी में रंग हजार!
मसाने में होली खेलें, शिव डमरू वाला,
भूत-गणों की टोली, संग नाचे मतवाला।
🔱 बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
🔱 बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
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भस्म में सजे भुजंगों की माला,
गूंजे गगन में जय शिवशंकर वाला!
बैरागी की टोली, नाच रही बम-बम,
नंदी भी झूमे, जब डमरू बजे दम-दम!
मसाने में होली खेलें, शिव डमरू वाला,
भूत-गणों की टोली, संग नाचे मतवाला।
🔱 बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
🔱 बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
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कैलाश से उतर के आए महाकाल,
हर-हर महादेव से गूंजे हर गाल!
न कोई भेद, न कोई डर,
हर-हर महादेव से गूंजे काशी नगर!
मसाने में होली खेलें, शिव डमरू वाला,
भूत-गणों की टोली, संग नाचे मतवाला।
🔱 बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
🔱 बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
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चिता की ज्वाला में उठे जो लपटें,
शिव के डमरू की ताल पे मटके!
भक्त भी झूमे, भगवान भी झूमे,
भंग की मस्ती में त्रिलोक भी झूमे!
मसाने में होली खेलें, शिव डमरू वाला,
भूत-गणों की टोली, संग नाचे मतवाला।
🔱 बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
🔱 बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
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भस्म रमाई, कंठ में विष धारा,
सबको तारण, शिव ही सहारा!
जो शिव को माने, वो कुछ न हारे,
मृत्यु भी डरे, जब महादेव पुकारे!
मसाने में होली खेलें, शिव डमरू वाला,
भूत-गणों की टोली, संग नाचे मतवाला।
बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!
बाबा विश्वनाथ की जय, काशी विश्वनाथ की जय!